Thursday, October 6, 2011

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ -- स्थापना दिवस







प.पू.डॉ.केशव राव बलिराम हेडगेवार जी






राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ -- स्थापना  दिवस

आज ही(दशहरा) के दिन सन 1925 में प.पू.डॉ. केशव राव बलिराम हेडगेवार जी ने RSS-राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की स्थापना की थी.

ये वो समय था, जब कहा जाता था की
  1.  "हिन्दुओ को संगठित करना मेढ़को को तोलने जैसा है, एक को संभालो दूसरा छिटक जाता है." 
  2. चार हिन्दू तभी इकठ्ठे हो सकते है जब किसी की अर्थी उठानी हो.
  3. हिन्दुओ के मोहल्ले, गली बाज़ार में हिन्दू को ही पीटना बहुत आसान था.
  4. मुस्लिम लीगी गुंडों द्वारा हिन्दू महिलाओ का अपहरण,शील भंग आम बात थी.
  5. डरा सहमा हिन्दू गाँधी जी की अहिंसावादी नीति के पीछे चुपचाप चला जा रहा था.
  6. अपने साथ होने वाले जुल्म को सहना हिन्दू की  आदत हो गयी थी.
  7. जाट, गुर्जर,राजपूत,अहीर, गोरखा,सिख,मराठा जैसी लड़ाकू जातियों के बावजूद हिन्दू समाज का मनोबल चूर-चूर हो चूका था.
  8. सन 1919 में केरल में हुए मोपला दंगो ने करीब 2500 हिन्दू मारे गए.हजारो महिलाओ का शील भंग हुआ, हजारों को जबरदस्ती धर्मान्तरित किया गया.
यानि हिन्दुओ के पास अपने ही देश में तिल तिल कर मरने के अलावा कोई रास्ता न था. इतने पर भी हिन्दू समाज 'मै और मेरा परिवार' की संकीर्ण भावना से आगे नहीं बढ पाया,ज्यादा हुआ तो अपनी जाति, परन्तु  देश और स्वधर्म का कोई ख्याल ही नहीं था.   

उस समय में हेडगेवार जी ने अपनी डाक्टरी शिक्षा के बावजूद प्रैक्टिस की अपेक्षा समाज को संगठित करने का मार्ग चुना.
हिन्दू समाज की लिए उन्होंने धन, स्त्री, मकान, यश, पद, सभी सुखो को तिनके भांति ठोकर मार दी.
लोगो में उनका मजाक उड़ाया की ये डॉक्टर पागल हो गया है. डाक्टरी करने और अपना परिवार बसाने की बजाय बच्चो के साथ खेल रहा है.  
परन्तु आज :-
  1.  RSS-विश्व का सबसे बड़ा सामाजिक  संगठन है.
  2. इसके 2900 प्रचारक दिन-रात हिन्दू समाज के संगठन और सुरक्षा हेतु सभी प्रकार के खतरों के बीच कार्य कर रहे है.
  3. आज करीब 50,000 स्थानों पर प्रतिदिन संघ  की शाखा लगती है.
  4. आज समाज जीवन के हर क्षेत्र में संघ का प्रभाव  दिखाई देगा.चाहे वो बाबा रामदेव जी आन्दोलन हो या अन्ना जी का.
  5. विद्यार्थियो के बीच- अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद्.
  6. सेवा कार्यो हेतु-सेवा भारती.
  7. मजदूरों में- भारतीय मजदूर संघ.
  8. धर्म जागरण में - विश्व हिन्दू परिषद्.
  9. सैनिको में - पूर्व सैनिक सेवा परिषद्.
  10. वनवासियों के बीच- वनवासी कल्याण आश्रम.
परन्तु आज भी हिन्दू समाज का बहुत बड़ा हिस्सा हमसे दूर है. बहुत काम बाकी है.और इस काम के लिए हिन्दू समाज का सहयोग तन-मन-धन एवं समय से अपेक्षित है.

आइये हिन्दू चेतना के इस पुनर्जागरण में हम अपनी आहुति दे. --भारत माता की जय.

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