Thursday, November 24, 2011

मोदी की पाठशाला

मोदी की पाठशाला

गुजरात के साबरकांठा जिले में बृहस्पतिवार, 24 नवंबर को एक अभियान के तहत प्राथमिक स्कूल में मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी से छात्रों ने सवाल-जवाब किए। और  स्कूल  में शिक्षा के स्तर का जायजा लिया.

क्या अपने किसी चैनल में देखा या सुना, नहीं न. विदेशी 'रौल विन्ची' की चमचागिरी से फुर्सत मिले तब ना.

Wednesday, November 23, 2011

गीत









जननी जन्मभूमि स्वर्ग से महान है.!
इसके वास्ते ये तन  है, मन है, प्राण है !!

इसके कण-कण में लिखा राम-कृष्ण नाम है.
हुतात्माओ के रुधिर से भूमि शस्य श्याम है.
धर्म का ये धाम है सदा इसे प्रणाम है.
स्वतंत्र है ये धरा स्वतंत्र असमान है.!1!
जननी जन्मभूमि स्वर्ग.................................................

इसकी आन पर अगर जो बात कोई आ पड़े !
इसके सामने जो जुल्म के पहाड़ हो खड़े !!
शत्रु सब जहान हो विरुद्ध विधि विधान हो !
मुकाबला करेंगे जब तक जान  में ये जान  है !2!
जननी जन्मभूमि स्वर्ग................................................

इसकी गोद में हजारो गंगा-यमुना झूमती !
इसके पर्वतो की चोटिया गगन को चूमती !!
भूमि ये महान है निराली इसकी शान है !
इसकी जय पताका ही स्वयं विजय निशान है!3!

जननी जन्मभूमि स्वर्ग................................................

Wednesday, November 16, 2011

सुभाषित

                
धन धन्य सुसम्पन्नम, स्वर्ण रत्नादि संभवं !
सुसहन्ति विना राष्ट्रं , नहि स्यात शून्यवैभ्वं !!
अर्थ:- धन धान्य से सुसंपन्न , सोने और रत्न की प्रचुर खानों से परिपूर्ण हो , ऐसा राष्ट्र भी संगठित समाज के बिना वैभवशाली नही हो सकता. 

Thursday, November 10, 2011

कोई भी इन्सान महान नहीं होता, महान होती है चुनौतिया , जो जितनी बड़ी चुनौती का सामना करता है वो उतना ही महान कहलाता है.--फिल्म 'विरुद्ध'

@chandar,    मेरे भाई केवल 'like'  करने से  बात नहीं बनेगी . हिन्दू समाज और भारत के सामने खड़ी हुई  चुनौतिया का सामना करना होगा. सबसे बड़ी चुनौती है हिन्दू समाज की गरीबी और जातिवाद.

एक समय कहा जाता था की हिन्दुओ को इकठ्ठा करना मेंढको को तोलने के जैसा है.और गाँधी जी ने कहा था 'हिन्दू कायर है'. आज उन दोनों बातो को झूठा साबित कर दिया है संघ की शाखाओ ने."संघे शक्ति कलोयुगे" अर्थात कलियुग में संगठन ही शक्ति है.

मुझे भी दौउद को मुंबई में दफ़नाने पर कोई एतराज नहीं है मगर..........जिन्दा.

Thursday, November 3, 2011

कमजोर  और सीधे आदमी को ही सब पाठ पढ़ाते है, शक्तिशाली और संगठित को कोई भी कुछ कहने की हिम्मत नहीं करता. ये हिन्दू समाज की ही कमजोरी है.