Sunday, September 15, 2013

*****************प्रेम **********************

बात करीब २ साल पहले की है , मेरी 7  साल की बड़ी बेटी 'कोमल ' अपनी 3 साल की  छोटी बहन 'श्वेता ' के साथ छत पर खेल रहे थे , साथ में पड़ोस के कुछ 10 -12 साल के लड़के भी हमारी छत पर खेल रहे थे। कोमल अपने नाम के अनुसार दुबली , कमज़ोर है और चूहे , छिपकली और कीड़ो को दूर से देख कर ही डर जाती है।

छत पर खेलते हुए अचानक बन्दर आ गये. और एक बन्दर हमारी छत पर भी आ गया उसने मेरी छोटी बेटी श्वेता के कपडे पकड़ लिए।  जितने लड़के छत पर खेल रहे थे सभी श्वेता को छोड़ कर नीचे भाग गये , लेकिन  डरपोक 'कोमल' ने भागने की बजाए उस बन्दर को आगे बढ़ कर 2 थप्पड़ लगाये और अपनी बहन श्वेता को नीचे ले आई।

शाम को ऑफिस से आया तो बच्चो ने ये घटना सुनाई , मै डर गया की कही बन्दर ने किसी को काटा तो नहीं लेकिन ईश्वर की कृपा से सब ठीक था।

बाद में काफी देर तक सोचता रहा आखिर डरपोक 'कोमल' में इतनी हिम्मत कहाँ से आई और शैतान और लड़ने झगड़ने वाले बच्चे क्यों भाग गए।  तब समझ में आया प्रेम में कितनी शक्ति होती है ,अपनी छोटी बहन के प्रति प्रेम और जिम्मेदारी ने उसे भागने नहीं दिया।

आज हम(मैं भी ) अपनी देश की समस्यायों के लिए अक्सर मुसलमानों को दोषी ठहराते है। (जो की वो है भी ). लेकिन सबसे ज्यादा दोष हम हिन्दुओ का है , कोई फर्क नहीं पड़ता की हम असंगठित है या हमारे ऊपर परिवार की जिम्मेदारी है या मीडिया और राजनीतिक दल हमारे खिलाफ है. दरअसल हम हिन्दू अपने देश से अटूट प्रेम नहीं करते।  अगर करते तो आज कश्मीर और पाकिस्तान की समस्याए नहीं होती। 

Friday, August 17, 2012

गोपाल पाठा हिन्दू रक्षक- ग्रेट कलकत्ता किलिंग










गोपाल पाठा
हिन्दू रक्षक- ग्रेट कलकत्ता किलिंग








बंधुवर,
जय श्री राम!!

हमारा देश अनेकानेक जातियों, भाषाओ, प्रान्तों से बना है परन्तु सब प्रान्तों के हिन्दू  लोगो में एक बात सामान है।.मुसीबत की आहट  पाते ही भागना , हम हिंदू मुसीबत को जानने या समझने का प्रयास भी नहीं करते , न ही उसका  सामना करने का या कोई हल ढूँढने का प्रयास करते बस भाग जाने में ही भलाई समझते है।..

ऐसी ही एक मुसीबत टूट पड़ी थी हिन्दुओ पर 16 अगस्त 1946 को कलकत्ता में  'डायरेक्ट  एक्शन ' के रूप में।.
ऐसे में जब मुख्यमंत्री ही मुस्लमान हो सेना या पोलिसे की सहायता आनी  असंभव ही थी। तब एक शख्स " गोपाल पाठा " ने वाकई गोपाल (श्री कृष्ण ) की तरह हिन्दुओ की रक्षा की और दंगाई  मुसलमानों को अच्छा सबक  सिखाया .बहुत कम लोग जानते है की इन्ही गोपाल की वजह से आज कलकत्ता भारत का हिस्सा है वरना मुस्लिमो ने कलकत्ता को  बंगला देश में ले जाने की पूरी तैयारी कर ली थी।

गोपाल पाठा , कलकत्ता का एक मशहूर गुंडा था, करीब 800 लड़के उसके आदेश पर मरने-मारने  के लिए तैयार रहते थे।.. दंगो के समय उसने अपने लडको को स्पष्ट आदेश दिया की अगर तम्हे एक हिन्दू के मारे जाने का पता चलता है तो तुम्हे 10 मुसलमानों की हत्या करनी है।.उस वक़्त कलकत्ता में अमरीकी सेना की छावनी थी जिसके नीग्रो सैनिक  250 रूपए या शराब के बोतल के बदले में हथियार बेच देते थे . गोपाल में मारवाड़ी हिन्दुओ के पैसो से हथियारों का बदोबस्त किया और मुस्लिमो को उन्ही की भाषा  में जवाब दिया।. 

गाँधी ने अनशन के दौरान खुद गोपाल को दो बार बुलाया लेकिन गोपाल ने स्पष्ट मना  कर दिया। तीसरी बार जब एक कांग्रेस के स्थानीय  नेता ने प्रार्थना की "कम से कम कुछ हथियार तो गाँधी जी सामने डाल  दो" तब गोपाल ने कहा "जब हिन्दुओ की हत्या हो रही थी तब तुम्हारे गाँधी कहाँ  थे।.मैंने इन हथियारों से अपने इलाके की महिलाओ की रक्षा की है, मै  हथियार नहीं डालूँगा।.

और जब हिन्दुओ का पलड़ा भारी होने लगा तो सुहरावर्दी ने सेना बुला ली। और दंगे रुक गए।.....






Tuesday, July 31, 2012

क्या कभी भारत के दोगले हुक्मरान इजरायल से प्रेरणा लेंगे ?

क्या कभी भारत के दोगले हुक्मरान इजरायल से प्रेरणा लेंगे ?

मित्रो , जब फिलिस्तीनी आतंकवादियो ने 1972 के मिऊनिख ओलंपिक गेम्स विलेज में घुसकर 12 इस्राइली खिलाडियों की हत्या कर दी तब तत्कालीन इस्राइली प्रधानमंत्री श्रीमती गोल्डा मायर ने कोई भी बयान नहीं दिया ... उन्होंने सरे मृत खिलाडियो के घरवालो के खुद फोन करके बोला की हम बदला लेकर रहेंगे .. उन्होंने अपनी गुप्तचर एजेंसी मोसाद को पूरी छुट दे दी और बोला इस घटना में जितने लोग भी शामिल है वो चाहे दुनिया के किसी भी देश में हो उनको जिन्दा नहीं रहने देना है ..

मोसाद ने पता लगा लिया की इस हत्याकांड में 14 आतंकवादी शामिल थे ..




१ - एक आतंकवादी सलाह खलिफ जेदाह में अपने परिवार के साथ रहता था . मोसाद ने उसके घर में रखे टेबल जिस पर फ़ोन रखा था ठीक वैसा ही टेबल रख दिया और टेबल के अन्दर बम फिट करके उसका कनेक्सन फोन से जोड़ दिया .फिर उसके फोन की घंटी बजी उसने जैसे ही फोन उठाया उसके चीथड़े उड़ गए ..




2 - एक आतंकवादी अबू दयुद बेरुत में छुपा था .. मोसाद ने उसकी पूरी दिनचर्या पर नज़र रखी . वो एक क्लब में रोज जाता था .इजराइल ने अपने खतरनाक कमांडो को बेरुत भेजा जिसमे सिर्फ 3 लोग थे एक कमांडो बेंजामिन नेतान्याहू [जो बाद में इसराइल के राष्ट्रपति बने ] एक ख़ूबसूरत लड़की का भेष रखकर उस क्लब में नाच रहे थे जैसे ही वो आतंकवादी उनके करीब नाचने के लिए आया बेंजामिन ने अपनी फुल्ली औटोमटिक गन से गोलियों की बौछार कर दी 15 लोग मरे गए और बेंजामिन और उनका साथी जो उनको कवर कर रहा था लेबनानी पुलिस के नकली गाड़ी में फरार हो गए


3 - एक आतंकवादी अमिन अल हिंदी को मोसाद ने अम्मान में उसके बिल्डिंग के नीचे गोलियों से भुन दिया ..


4 - अब बाक़ी बचे आतंकवादी डरकर आत्मसमर्पण करने का प्रस्ताव भेजा लेकिन गोल्डा मायर ने कुछ नहीं बोला चौथे आतंकवादी अबू फयाज जो छुप कर हेलसिंकी में रहता था उसे कार से कुचल कर मर दिया गया

5 -पाचवे आतंकवादी अली हसन सलामेह जो पेरिस में छुपा था वही उसको साइनाइड से मर दिया गया

6 - महमूद हम्शारी को दमिस्क में गोली मर दी गयी

इस तरह गोल्डा मायर ने एक एक को चुन चुन कर पूरी दुनिया में मारा

हम सलाम करता है ऐसे देश के जज्बे को .. जहा के नागरिक हमेशा अपना सर उठा के चलते है.

साभार - सरफ़रोशी की तमन्ना


Thursday, July 12, 2012

देश प्रेम का मूल्य प्राण है ( कविता )















-----------मासिक गीत (सायं)-------------

देश प्रेम का मूल्य प्राण है, देखे कौन चुकाता  है।
देखे कौन -सुमन शय्या ताज कंटक  अपनाता है।......

सकल मोह ममता को तज कर माता जिसको प्यारी हो.
शत्रु का हिय छेदन हेतु जिसकी तेज कटारी हो .......
मातृभूमि के  राज्य तज जो बन चूका भिखारी हो।...
अपने तन -मन धन जीवन का स्वयं पूर्ण अधिकारी हो।..
आज उसी के लिए संघ ये भुज अपने .फैलाता है।..

देखे कौन -सुमन शय्या ताज कंटक  अपनाता है।...............

कष्ट कंटको  में पड़ करके जीवन पट झीने होंगे।..
काल कूट के  विषमय प्याले प्रेम सहित पीने होंगे।....
अत्याचारों की आंधी ने कोटि  सुमन छीने होंगे.......
एक तरफ संगीने होंगी एक तरफ सीने होंगे।.......
वही वीर अब बढे जिसे हँस -हँस  कर मरना आता है.

देखे कौन -सुमन शय्या ताज कंटक  अपनाता है।...............

भारत माता की जय !!

Wednesday, June 27, 2012

हिन्दू धर्म के फायदे


भाई अगर हिन्दू धर्म में आते हो तो उसके फायदे इस प्रकार है...
  1. आप चाहे तो मूर्ती पूजा कर सकते है चाहे तो न करे कोई रोक टोक नहीं..
  2. इश्वर को माने या नास्तिक रहे कोई ऐतराज नहीं करेगा.
  3. जिस देश में रहेंगे उस देश की भलाई करनी होगी..
  4. अपनी मातृभूमि और अपने देश के प्रति वफादार होना होगा...
  5. कैसे मर्जी कपडे पहने कोई फतवा जारी नहीं होगा..हा कुछ लोग बाते बना सकते है..पर कानून आपके साथ होगा...
  6. अगर आप उच्च शिक्षित वर्ग में है तो कही मर्ज़ी शादी करे कोई फतवा जारी नहीं होगा. और अगर निम्न वर्ग से है तो घर वालो का विरोध झेलना पड़ सकता है..कानून आपके साथ होगा..
  7. कोई भी आतंकवादी गतिविधियों में आप पर शक नहीं करेगा. हा आप आतंकवादियों का शिकार हो सकते है..सावधान रहना होगा...कानून भी आपकी मदद नहीं कर पायेगा..वो उन्ही आतंकवादियों की खातिरदारी में व्यस्त है..
  8. तरक्की के लिए सारी दुनिया आपके लिए खुली है..कोई धार्मिक रीती-रिवाज आपके आड़े नहीं आयेंगे...केवल आप की काबिलियत और लगन पर निर्भर करता है..
  9. कोई धर्मगुरु आप को किसी भी दुसरे धर्म वाले को मारने को नहीं कहेगा...
  10. योग, प्राणायाम, शाकाहार, अदि अच्छी आदतो को अपनाने का अवसर मिलेगा.

Monday, June 11, 2012

किसी भी देश का इस्लामीकरण कैसे होता हैं?

किसी भी देश का इस्लामीकरण कैसे होता हैं? 
१. मुस्लिम आबादी दर हर गैर इस्लामिक देश में गैरमुसलमानों की तुलना में दुगनी रफ़्तार से बच्चे पैदा करते हैं | जिससे अर्थव्यवस्था गड़बड़ा जाती हैं | 

२. मुस्लिम आबादी पढाई लिखाई में कोई रूचि नहीं रखती | अंग्रेजी , गणित , विज्ञानं आये ना आये कुरान जरुर बच्चों को पढाई जाती है |

३. मुस्लिम जो व्यवसाय करते हैं वो भी समाज हित के नहीं होते | जैसे बड़े व्यवसायी जो टेनरी चलाते हैं उसकी गंदगी नदियों में बहाते हैं जिस से पानी में आर्सेनिक जैसे जहर की मात्रा बढती जाती हैं |

४. मुस्लिमो की गोस्त की दुकाने आसपास बिमारियां लाती हैं | जानवरों की हत्या अन्न- जल संकट का प्रमुख कारण हैं | 

५. जहा मुस्लिम अधिक होते हैं वह संगठित तरीके से रहते हैं और आसपास किसी गैर मुस्लिम को बसने नहींदेते | १०० हिन्दुओ के बीच एक मुस्लिम रह सकता हैं पर १०० मुसलमानों के बीच हिंदू नहीं रह सकता |

६. मुस्लिम संगठित होने कीवजह से गैर मुसलमानों से बेवजह झगडा करते हैं , अगर आस पास उनकी संपत्ति होतीहैं तो उस पर कब्ज़ा कर लेते हैं जैसा की कश्मीर में हुआ |

७. परिवार में अधिक सदस्य होने से और अशिक्षित होनेसे छोटे संगठित अपराध करते हैं | जैसे की अनाधिकृत कब्जे , बिजली चोरी , नशीले पदार्थो का धंधा करते हैं |

८. ये छोटे अपराधी जल्द हीबड़े अपराधियों से जा मिलते हैं और ये बड़े अपराधी भी कभी ना कभी उन्ही मुस्लिम बस्तियों से निकल कर आये होते हैं | टाइगर मेनन और दाउद इब्राहीम कासकर और ना जाने कितने अपराधी ऊपर उठे | 

९. बड़े अपराधी देश की अर्थ व्यवस्था को बिजली चोरी या अतिक्रमण की तरह छोटा मोटा नुक्सान नहीं पहुचाते बल्कि हजारो करोडो का नुक्सान पहुचातेहैं | जैसे स्टाम्प घोटालेव हवाला कांड का प्रमुख अब्दुल करीम तेलगी १० , ०००करोड़ व हसन अली ३६ , ००० करोड़ इत्यादि रकम कमाते हैं और इसे इस्लामिक मुल्को से गैर इस्लामिक देशो में आतंक हत्या के लिए हथियार प्रशिक्षण पर प्रयोग किया जाता हैं | 

१०. वे मुस्लिम जो काफ़िर देश में किये गए अपराध लूट पाट को धार्मिक कृत्यमानते हैं वे और भी तरीको से मुस्लिम लड़के गैर-इस्लामिक देश में जंगके लिए तैयार करते हैं | उनमे से एक सरलतम रास्ता जेहाद का हैं काफ़िर का क़त्ल हर मुस्लिम पर अनिवार्य हैं | 

११. कुरान पढ़े बेरोजगार लड़के जेहाद के लिए आसानीसे तैयार हो जाते हैं बल्कि अपना सौभाग्य समझतेहैं और इस्लामिक देशो मेंमौजूद अपने रहनुमाओ की मदद से जेहादी बनते हैं |

१२. ये जेहादी देश में समयसमय पर बम विस्फोट सामूहिक हत्याए वा दंगे करते हैं | दंगो को कुछ लोगो की शरारत कहा जाता हैं जबकि बम विस्फोट पर कहा जाता हैं की इसका इस्लाम और मुसलमानों से कोई लेना देना नहीं जबकि दोनों ही जेहाद अर्थात धर्मं युद्ध का हिस्सा हैं |

१३. यदि गैर इस्लामी कौमे संगठित होकर धर्मं युद्ध का जवाब देती हैं तो मुस्लिम जोर जोर से हल्लाकरना चालु करते हैं के हम पर जुल्म और अत्याचार हो रहा हैं , हम सुरक्षित नहींइस मुल्क में | 

१४. मुसलमानों के संगठित होने की वजह से और हमलावर होने की वजह से नास्तिक राजनैतिक दल मुसलमानों कापक्ष लेने में ही अपनी भलाई समझते हैं जैसे की भारत में कांग्रेस , समाजवादी , कमुनिस्ट दल इत्यादि |

१५. क्योंकि इन दलों का धर्म से , संस्कृति से कोई लेना देना नहीं होता और मुस्लिम समर्थन मिलने पर इन्हें सत्ता का और लालच आ जाता हैं ये मुस्लिम आबादी के बढने में और सहायता करते हैं उनके हर काम में चाहे वो गलत हो यासही , साथ देते हैं |

१६. बंगलादेश से आये ४ करोड़ मुस्लिमो को कांग्रेस ने ना केवल बसाया अपितु उनको जिस कानून (आई. ऍम. टी. डी. एक्ट) की सहायता से निकाला जा सकता था उसे भी खत्म कर दिया | 

१७. आतंकवाद के खिलाफ कानून (पोटा एक्ट) बनाना तो दूर रहा , जो कानून था उसको भी खत्म कर दिया | 

१८. मुस्लिम नाराज ना हो इस लिए जेहादियों को उच्चतम न्यायालय से दी हुयी को सजा को भी रोके रखते हैं | जैसा की कांग्रेस ने अफजल गुरु कीफ़ासी रोक रखी हैं |

१९. गैर मुस्लिमो के इस कथित सेकुलर वर्ग की इस मूर्खता से मुस्लिम खुश होते हैं और और तेजी से आबादी बढ़ाने का उपाए सोचते हैं 

२०. इन उपायों में गैर मुस्लिम सम्प्रदाये की लड़कियों को प्यार के झूठे जाल में फसाना होता हैं और उनसे बच्चे पैदा करने होते हैं इन्हें लव जेहादी कहते हैं | 

२१. अगर ये लव जेहादी ३-४ हिंदू या ईसाई लडकियो को जिन्हें ये वर्गला-फुसला के भगा लाए थे , खिला (वहन) नहीं कर पाते हैं , तो भोग करने के बाद किसी अधेड उम्र के मुस्लिम को बेच देते हैं अधिकतर वह मुस्लिम बदसूरत ही होते हैं इसीलिए उन्हें इस उम्र तक औरते नहीं मिल पाती | . 

२२. मुस्लिम आबादी बढ़ने के साथ-साथ छोटे-छोटे इस्लामिक क्षेत्रो का भी निर्माण करते हैं | जैसे हिंदू इलाके में अधिक दामों पर कोई एक इमारत खरीद कर लेते हैं और फिर वहा बड़े मुस्लिम परिवार बसा दिए जाते हैं | 

२३. ये मुस्लिम लोग आसपास लोगो से आये दिन झगडा करते हैं और धीरे धीरे पडोसियो को अपने घर सस्तेदामों पर किसी मुस्लिम कोही बेचने को मजबूर कर देते हैं इस प्रकार इनकी एक मकान पर खर्च की गयी अतिरिक्त रकम से कही अधिकमुनाफा निकल आता हैं | 

२४. मुसलमानों की मस्जिद अक्सर शहर के बीचों- बीच होती हैं ताकि किसी तरह की व्यवस्था बिगडने पर मीनारो की आड़ से पुलिस को देख सके | और जरुरत पड़ने पर खुद पुलिस व्यवस्था पर हमला कर सके | 

२५. छोटी मुस्लिम बस्तियाँ ना केवल संगठित होती हैं अपितु हमलावर लोगो से भरी होती हैं | हर घर में देसी तमंचे मिलना सामान्य बात होती हैं |

बाकी आप अपने आस-पास मुस्लिम गतिविधियाँ देख कर लेख की सत्यता परख सकते हैं | —

Sunday, June 10, 2012


राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ 
1143, सेक्टर 19, फरीदाबाद 

दिनांक : 10-06-2012

प्रेस विज्ञप्ति 

प्रतिस्पर्धा  के इस युग में विद्यार्थियों  के सामने एक  बड़ी चुनौती रहती है कि किस प्रकार अपने भविष्य को संवारा  जाए  । विद्यार्थियों की इसी समस्या को ध्यान में रखते हुए राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ फरीदाबाद के तत्वाधान में  होली चाइल्ड पब्लिक स्कूल , सेक्टर 29, फरीदाबाद में आज एक सेमीनार का आयोजन किया गया ।  जिसमे व्यक्तित्व विकास एवं  कैरियर काउंसलिंग विषय पर विद्यार्थियों को विस्तार से जानकारी दी गयी ।   पहले सत्र में व्यक्तित्व विकास विषय पर इंडियन आयल कोर्पोरेशन से पधारे वरिष्ठ वैज्ञानिक श्री डी. भट्टाचार्य ने  विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि अपने व्यक्तित्व के विकास के लिए सबसे जरुरी है -अपने अन्दर आत्मविश्वास होना ,   हाजिरजवाबी होना , अपने आस-पास के  वातावरण की सकारात्मक जानकारी होना तथा  आत्मसंयम से परिपूर्ण होना ।
अगला सत्र कैरियर काउंसलिंग का रहा । जिसमे भिन्न -2 विषयों पर अलग -2 विशेषज्ञों ने विद्यार्थियों की रूचि  के अनुसार समझाया।   कोमर्स  के विद्यार्थियों को टेगोर अकादमी स्कूल के कोमर्स विभाग के विभागाध्यक्ष   सुरेश पारीक व सी . ए . रोहित बत्रा  ने संबोधित करते हुए समझाया कि उनके लिए आगे  क्या-2 ओप्संस होंगे और किस जॉब के लिए उन्हें किस प्रकार से तैयारी व  नियोजन करना होगा ।
नॉन मेडिकल के छात्रों  को लेक्चरर  श्री नरेन्द्र जी,  डा. एम. पी. सिंह व अमित  मंगला   ने विस्तार से समझाया कि  किस विषय या परीक्षा की तैयारी किस प्रकार से करनी चाहिए । उन्होंने बताया कि  विद्यार्थियों को अपनी रूचि के अनुसार ही विषय का चयन करना चाहिए न कि  एक-दुसरे की देखा-देखी ।
आर्ट्स  के विद्यार्थियों को मानव रचना संस्थान से पधारे लेक्चरर श्री दीपनारायण जी ने अपने  जीवन के अनुभवों का जिक्र करते हुए बताया न तो कोई भी कार्य असंभव है और न ही कोई विषय महत्वहीन है । अपने अन्दर के आत्म-विश्वास व दृढ संकल्प शक्ति के द्वारा हम कठिन से कठिन कार्य भी कर सकते हैं और  हर विषय को रुचिकर बना सकते हैं ।
तीसरे सत्र में सिविल सेवाओं की तैयारी विषय पर संकल्प संस्थान  दिल्ली से पधारे श्री संतोष जी तनेजा ने कोलेज विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए समझाया कि   सिविल सर्विसिज की परीक्षा को अनेक लोग बहुत कठिन समझते हैं परन्तु सही योजना, दृढ विश्वास और सही निर्देशन के साथ तैयारी करने से  सफलता अवश्य मिलती है ।
समापन सत्र को संबोधित करते हुए राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के वरिष्ठ प्रचारक श्री अनिल वर्तक ने कहा कि  किसी भी देश का भविष्य होते हैं छात्र । छात्र शक्ति ही राष्ट्र की वास्तविक पूंजी है । इसलिए बहुत  आवश्यक है  कि  छात्रों को सही समय पर सही दिशा निर्देश मिले । और इस  प्रकार के व्यक्तित्व विकास व कैरियर काउंसलिंग कार्यक्रम होते रहने चाहिए । विद्यार्थियों को अपनी पढ़ाई व  कैरियर की चिंता के साथ-2  देश और समाज के प्रति अपने दायित्वों को भी समझना चाहिए तथा उनका निर्वहन  करना चाहिए । हम अपने  देश के लिए क्या कर रहे  हैं और क्या कर सकते हैं , इस पर चिंतन अवश्य  करना चाहिए ।