Friday, June 3, 2011

Save Hindu Girls

Agyani Hindu

अज्ञानी हिंदू पूजते है खूनी व बलात्कारी को..???

साभार नितिनजी
पूर्वी उत्तर प्रदेश में एक शहर है, बहराइच ।
बहराइच में हिन्दू समाज का सबसे मुख्य पूजा स्थल है गाजी बाबा की मजार।
मूर्ख हिंदू लाखों रूपये हर वर्ष इस पीर पर चढाते है।
इतिहास का जानकर हर व्यक्ति जनता है,कि महमूद गजनवी के उत्तरी भारत को १७ बार लूटने व बर्बाद करने के कुछ समय बाद उसका भांजा सलार गाजी भारत को दारूल इस्लाम बनाने के उद्देश्य से भारत पर चढ़ आया । वह पंजाब ,सिंध, आज के उत्तर प्रदेश को रोंद्ता हुआ बहराइच तक जा पंहुचा। रास्ते में उसने लाखों हिन्दुओं का कत्लेआम कराया,लाखों हिंदू औरतों के बलात्कार हुए, हजारों मन्दिर तोड़ डाले।
राह में उसे एक भी ऐसाहिन्दू वीर नही मिला जो उसका मान मर्दन कर सके। इस्लाम की जेहाद की आंधी को रोक सके। परंतु बहराइच के राजा सुहेल देव पासी ने उसको थामने का बीडा उठाया । वे अपनी सेना के साथ सलार गाजी के हत्याकांड को रोकने के लिए जा पहुंचे । महाराजा व हिन्दू वीरों ने सलार गाजी व उसकी दानवी सेना को मूली गाजर की तरह काट डाला । सलार गाजी मारा गया। उसकी भागती सेना के एक एक हत्यारे को काट डाला गया। हिंदू ह्रदय राजा सुहेल देव पासी ने अपने धर्म का पालन करते हुए, सलार गाजी को इस्लाम के अनुसार कब्र में दफ़न करा दिया। कुछ समय पश्चात् तुगलक वंश के आने पर फीरोज तुगलक ने सलारगाजी को इस्लाम का सच्चा संत सिपाही घोषित करते हुए उसकी मजार बनवा दी।
आज उसी हिन्दुओं के हत्यारे, हिंदू
औरतों के बलातकारी ,
मूर्ती भंजन दानव को हिंदू समाज एक देवता की तरह पूजता है।
सलार गाजी हिन्दुओं का गाजी बाबा हो गया है। में स्वं बहरैच जा चुका हूँ। लेकिन वहां पर जो पाया,
उसे देखकर बहुत दुःख हुआ। कि हिंदू वीर शिरोमणि सुहेल देव पासी सिर्फ़ पासी समाज का हीरो बनकर रह गएँ है। और सलार गाजी हिन्दुओं का भगवन बनकर हिन्दू समाज का पूजनीय हो गया है। अब गाजी की मजार पूजने वाले,
ऐसे हिन्दुओं को मूर्ख न कहे तो क्या कहे...???

चन्दन हँ इस देश की मिटटी: तपोभूमि हर ग्राम हँ |

गीत

चन्दन हँ इस देश की मिटटी: तपोभूमि हर ग्राम हँ |
हर बाला देवी की प्रतिमा बच्चा-बच्चा राम हँ ||

जिसके सैनिक समरभूमि में;गाया करते गीता हँ,
जहा खेत में हल के निचे: खेला करती सीता हँ |
जीवन का आदर्श जहा पर परमेश्वर का धाम हँ,
हर बाला देवी की प्रतिमा बच्चा-बच्चा राम हँ |

जहा कर्म से भाग्य बदलना श्रम- निष्ठां कल्याणी हँ ,
त्याग और तप की गाथाये गाती कवी की वाणी हँ |
ज्ञान जहाँ का गंगाजल-सा निर्मल औ अविरामी हँ,
हर बाला देवी की प्रतिमा बच्चा-बच्चा राम हँ |

हर शरीर मंदिर सा पावन; हर मानव उपकारी हँ,
जहाँ शेर बन गये खिलोने, गाय जहा माँ प्यारी हँ |
जहा सबेरा शंख बजता, लोरी गाती शाम हँ ,
हर बाला देवी की प्रतिमा बच्चा-बच्चा राम हँ |

Prarthana


प्रार्थना

नमस्ते सदा वत्सले मात्रुभूमे
त्वया हिन्दुभूमे सुखम वर्धितोऽहम
महा मन्गले पुण्यभूमे त्वदर्थे
पतत्वेष कायो नमस्ते नमस्ते

प्रभो शक्तिमन हिन्दुराष्ट्रांग भूता
इमे सादरं त्वां नमामो वयम
त्वदीयाय कार्याय बद्धा कटीयम
शुभामाशिषं देहि तत्पूर्तये

अजय्यां च विश्वस्य देहीश शक्तिम
सुशीलं जगद्येन नम्रं भवेत
श्रुतं चैव यत कन्टकाकीर्ण मार्गम
स्वयम स्वीक्रुतं न: सुगं कारयेत

समुत्कर्श नि:श्रेयसस्यैकमुग्रम
परम साधनं नाम वीरव्रतम
तदन्त: स्फुरत्वक्षया ध्येयनिष्टा
ह्रुदन्त: प्रजा गर्तुतीव्रानिशम

विजेत्री च न: संहता कार्यशक्तिर
विधायास्य धर्मस्य संरक्षणम
परम वैभवं नेतुमेतत स्वराष्ट्रम
समर्था भवत्वाशिषाते भ्रुशम

"राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ का अर्थ है- राष्ट्र की सेवा करने हेतु स्वयंप्रेरणा से स्वयं ही अग्रेसर होनेवाले लोगों द्वारा राष्ट्र कार्य के लिये स्थापित संघ ।" -- परमपूजनीय डा. हेडगेवार जी ।