Thursday, March 22, 2012



 आप सभी मित्रो को हिन्दू नव वर्ष  विक्रमी संवत २०६९ की हार्दिक बधाई. 


















भारतीय नव वर्ष विक्रमी संवत् 2069 (युगाब्द 5114) तदनुसार चैत्र शुक्ल प्रथम के शुभारम्भ के अवसर पर
आपको व आपके समस्त परिवार जनों व इष्ट मित्रों को बहुत बहुत शुभकामनाएं !

नव वर्ष आपके जीवन में सुख,समृद्धि व खूब सारी उपलब्धियां लेकर आये !

भारतीय नव वर्ष - ऐतिहासिक महत्त्व


- ब्रह्म जी द्वारा सृष्टि का आरम्भ और प्रथम संवत्सर का प्रादुर्भाव


- धर्म संस्थापना के लिए प्रभु श्री राम द्वारा बालि वध


- प्रभु श्रीराम का राज्याभिषेक


- सिख गुरु श्री अंगद देव जी का प्रकोशात्सव


- युगाब्द एवं शालिवाहन संवत्सर का प्रारंभ दिवस


- महाराजा विक्रमादित्य द्वारा आक्रमणकारी शकों पर विजय के उपलक्ष्य 
में विक्रमी संवत् का आरम्भ


- नव रात्रों का शुभारम्भ


- महर्षि गौतम का जन्मदिवस


- महाराष्ट्र के प्रसिद्ध संत झूलेलाल का प्रकाश पर्व


- महाराष्ट्र में गुडी पडवा (गुरु पर्व )


- दक्षिण भारत में उगाडी (युगादि ) पर्व


- क्रांतिकारी व संघ संस्थापक डॉ. हेडगेवार जी का जन्म दिवस 


Wednesday, February 1, 2012

Islamic Threat











































सारी तबाहियों पर , है दस्तख़त हमारा ! "


सारे जहाँ से ऊपर , इस्लाम है हमारा ।

दुनिया पे राज करना , ये काम है हमारा ॥

हम को नबी ने बख़्शी , इस्लाम से मुहब्बत ,

बाक़ी सभी से नफरत , ये फ़र्ज़ है हमारा ।

क्या चीज़ हुब्बे वतनी? क्या है वतन परस्ती ?


मजहब सिवा किसी से , क्या वास्ता हमारा ??

जेहाद, जंगोदहशत , बारूद औ' धमाके।


अल्लाह देख खुश है, ऊपर से ये नजारा॥


या तो कबूल करले, इस्लाम सारी दुनिया।


या ख़ाक कर दो इसको, ये है नबी का नारा॥

हर शै' पे काफिरों की, हम मोमिनों का हक है।


जोरू, जमीन, जेवर, हर माल है हमारा॥


रहना जिसे सलामत, सुन्नत कबूल कर ले।


इसके सिवा किसी का, हरगिज़ नहीं गुजारा॥

जो भी उठाएगा सर, जाएगा वो जहन्नुम।


आख़िर बजेगा हरसू, इस्लाम का नगारा॥


ये ओम - क्रॉस क्या हैं? सबको हटा-मिटा कर।


चमकाएँगे फ़लक पर, हम अपना चाँदतारा॥

है कुफ़्र जिक्रे-काशी, कैलासो-गंगा-जमना।


हैं पाक सिर्फ जमजम, काबा, बलख, बुखारा॥


मिस्मार कर दो मंदिर, बुत तोड़ डालो सारे।


मुसलिम का काफ़िरों पर, हर वार हो करारा॥

जितने जहाँ है खँडहर, वीरानियाँ जहाँ हैं।


सारी तबाहियों पर, है दस्तख़त हमारा॥


कहते किसे मुहब्बत? इंसानियत क्या शै' है?


मोमिन नहीं जो उससे, कब कैसा भाईचारा??

मजहब हमें सिखाता, गैरों से बैर रखना।


शरियत को काफ़िरों का, जीना नहीं गवारा॥


समझो तो वक़्त रहते, इस सच को तुम समझ लो।


वरना पड़ेगा सर पे, जेहाद का दुधारा॥

Thursday, November 24, 2011

मोदी की पाठशाला

मोदी की पाठशाला

गुजरात के साबरकांठा जिले में बृहस्पतिवार, 24 नवंबर को एक अभियान के तहत प्राथमिक स्कूल में मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी से छात्रों ने सवाल-जवाब किए। और  स्कूल  में शिक्षा के स्तर का जायजा लिया.

क्या अपने किसी चैनल में देखा या सुना, नहीं न. विदेशी 'रौल विन्ची' की चमचागिरी से फुर्सत मिले तब ना.

Wednesday, November 23, 2011

गीत









जननी जन्मभूमि स्वर्ग से महान है.!
इसके वास्ते ये तन  है, मन है, प्राण है !!

इसके कण-कण में लिखा राम-कृष्ण नाम है.
हुतात्माओ के रुधिर से भूमि शस्य श्याम है.
धर्म का ये धाम है सदा इसे प्रणाम है.
स्वतंत्र है ये धरा स्वतंत्र असमान है.!1!
जननी जन्मभूमि स्वर्ग.................................................

इसकी आन पर अगर जो बात कोई आ पड़े !
इसके सामने जो जुल्म के पहाड़ हो खड़े !!
शत्रु सब जहान हो विरुद्ध विधि विधान हो !
मुकाबला करेंगे जब तक जान  में ये जान  है !2!
जननी जन्मभूमि स्वर्ग................................................

इसकी गोद में हजारो गंगा-यमुना झूमती !
इसके पर्वतो की चोटिया गगन को चूमती !!
भूमि ये महान है निराली इसकी शान है !
इसकी जय पताका ही स्वयं विजय निशान है!3!

जननी जन्मभूमि स्वर्ग................................................

Wednesday, November 16, 2011

सुभाषित

                
धन धन्य सुसम्पन्नम, स्वर्ण रत्नादि संभवं !
सुसहन्ति विना राष्ट्रं , नहि स्यात शून्यवैभ्वं !!
अर्थ:- धन धान्य से सुसंपन्न , सोने और रत्न की प्रचुर खानों से परिपूर्ण हो , ऐसा राष्ट्र भी संगठित समाज के बिना वैभवशाली नही हो सकता. 

Thursday, November 10, 2011

कोई भी इन्सान महान नहीं होता, महान होती है चुनौतिया , जो जितनी बड़ी चुनौती का सामना करता है वो उतना ही महान कहलाता है.--फिल्म 'विरुद्ध'

@chandar,    मेरे भाई केवल 'like'  करने से  बात नहीं बनेगी . हिन्दू समाज और भारत के सामने खड़ी हुई  चुनौतिया का सामना करना होगा. सबसे बड़ी चुनौती है हिन्दू समाज की गरीबी और जातिवाद.

एक समय कहा जाता था की हिन्दुओ को इकठ्ठा करना मेंढको को तोलने के जैसा है.और गाँधी जी ने कहा था 'हिन्दू कायर है'. आज उन दोनों बातो को झूठा साबित कर दिया है संघ की शाखाओ ने."संघे शक्ति कलोयुगे" अर्थात कलियुग में संगठन ही शक्ति है.

मुझे भी दौउद को मुंबई में दफ़नाने पर कोई एतराज नहीं है मगर..........जिन्दा.

Thursday, November 3, 2011

कमजोर  और सीधे आदमी को ही सब पाठ पढ़ाते है, शक्तिशाली और संगठित को कोई भी कुछ कहने की हिम्मत नहीं करता. ये हिन्दू समाज की ही कमजोरी है.